समय न्यूज़ 24 संवाददाता, राँची
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मीडिया कवरेज को लेकर प्रबंधन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। रिम्स प्रशासन द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की पत्रकारिता, फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पूर्व अनुमति के किसी भी पत्रकार या मीडिया प्रतिनिधि को परिसर में प्रवेश या रिकॉर्डिंग की इजाजत नहीं होगी।
निदेशक या अधीक्षक से लेनी होगी मंजूरी
रिम्स प्रबंधन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल परिसर के भीतर किसी भी तरह की फोटो खींचने या वीडियो रिकॉर्डिंग करने से पहले संस्थान के निदेशक (Director), चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) या अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक की लिखित या औपचारिक अनुमति लेना जरूरी होगा।
मरीज की निजता और सुरक्षा का हवाला
इस नए नियम को लेकर रिम्स प्रबंधन का तर्क है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने, मरीजों की गोपनीयता (Privacy) की रक्षा करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि परिसर में अनियंत्रित आवाजाही और बिना अनुमति के होने वाली रिकॉर्डिंग से मरीजों की निजता प्रभावित होती है, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हर छोटी-बड़ी घटना की रिपोर्टिंग के लिए नियम लागू
नए आदेश के प्रभावी होने के बाद, अब रिम्स परिसर में होने वाली किसी भी घटना, मरीजों की शिकायत, अव्यवस्था, विवाद या किसी भी आकस्मिक दुर्घटना की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को पहले प्रबंधन का रुख करना होगा। प्रबंधन से हरी झंडी मिलने के बाद ही पत्रकार अस्पताल के भीतर कवरेज कर सकेंगे। यानी अब रिम्स में मीडिया की एंट्री पूरी तरह से अनुमति आधारित (Permission-based) होगी।
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