समय न्यूज़ 24 ब्यूरो धनबाद। 'सुख-दुख में साथ निभाने' के सात फेरों के वचन को धनबाद के भूली निवासी इंद्रपाल सिंह ने सच कर दिखाया है। किडनी फेलियर की जंग लड़ रही अपनी पत्नी सतबिंदर कौर के लिए इंद्रपाल ढाल बनकर खड़े हुए और अंगदान कर उनकी जान बचाई।
अगस्त 2018 में शादी के कुछ ही समय बाद सतबिंदर की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच में किडनी खराब होने की बात सामने आई। इलाज के भारी खर्च और अनिश्चित भविष्य को देख जब सबने साथ छोड़ दिया, तब पति इंद्रपाल ने अपनी किडनी देने का फैसला किया। कोलकाता में हुए सफल ट्रांसप्लांट के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह कहानी केवल एक सफल ऑपरेशन की नहीं, बल्कि एक पति के अटूट विश्वास और प्रेम की है जिसने मौत के मुंह से अपनी पत्नी को खींच लिया।
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