स्पोर्ट्स डेस्क: क्रिकेट के मैदान पर आज एक बार फिर भारतीय टीम का तिरंगा लहराया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए करो या मरो के मुकाबले में भारत ने 5 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भारत ने आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में लगातार तीसरी बार प्रवेश कर अपनी बादशाहत साबित कर दी है।
मैच का पूरा रोमांच: शुरुआती झटकों के बाद संजू ने संभाला मोर्चा
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। ऊपरी क्रम के बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए, जिससे एक समय ऐसा लगा कि मैच भारत के हाथ से निकल जाएगा। लेकिन मैदान पर संजू सैमसन के कदम पड़ते ही पूरी कहानी बदल गई।
पार्टनरशिप का कमाल: संजू ने न केवल एक छोर संभाले रखा, बल्कि निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कर रन गति को बनाए रखा।
संजू की आक्रामक बल्लेबाजी: सैमसन ने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। उनकी नाबाद 97 रनों की पारी में शानदार कवर ड्राइव और लंबे छक्के शामिल थे। हालांकि वह अपने शतक से महज 3 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी यह पारी किसी भी शतक से कहीं ज्यादा कीमती साबित हुई।
गेंदबाजों ने भी दिखाया दम
बल्लेबाजी से पहले भारतीय गेंदबाजों ने भी सधी हुई गेंदबाजी की, जिसके कारण वेस्टइंडीज की टीम एक विशाल स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी ने ही जीत की नींव रखी थी।
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