समय न्यूज़ 24 धनबाद: नगर निगम चुनाव 2026 के लिए वार्ड 10 की चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। निर्वाचन विभाग द्वारा जारी अंतिम सूची ने यह साफ कर दिया है कि यहाँ का मुकाबला अब केवल व्यक्तियों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधाराओं और प्राथमिकताओं का महा-संग्राम बन चुका है। 16 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से हर कोई अपने अनूठे चुनाव चिन्ह के साथ वार्ड की किस्मत बदलने का दावा कर रहा है।
अनुभव, शक्ति और सादगी का संगम
इस चुनावी समर में जहाँ देबाशीष पासवान 'अकेला' अपने 'ब्लैक बोर्ड' के साथ अनुभव की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं सुंदरी देवी 'चारपाई' के जरिए महिला सशक्तिकरण और घरेलू बुनियादी मुद्दों को हवा दे रही हैं। राम विलाश राम अपनी 'चप्पलों' के साथ सादगी और जमीनी सेवा का संदेश दे रहे हैं, तो राम चन्द्र रवानी 'जंजीर' प्रतीक के साथ व्यवस्था परिवर्तन और युवाओं के विजन की बात कर रहे हैं।
बहुकोणीय मुकाबले में छिपी चुनौतियाँ
16 प्रत्याशियों की यह लंबी फेहरिस्त—जिसमें मो० अजीज अंसारी (अलमारी), अनिक प्रसाद यादव (बेबी वॉकर), जलेश्वर महतो (बल्ला), और मिथुन कुमार ठाकुर (कैन) जैसे नाम शामिल हैं—यह बताती है कि वार्ड 10 का मतदाता इस बार किसी एक लहर में बहने के बजाय गहराई से सोच-विचार कर रहा है। इतने अधिक उम्मीदवारों के होने से वोटों का ध्रुवीकरण तय है, जिससे जीत और हार का अंतर बहुत कम रहने की संभावना है।
निशान अलग, मगर मंजिल एक?
चाहे वह दीपक कुमार का 'साइकिल पम्प' हो या शीला कुमारी का 'कलर ट्रे और ब्रश', हर चुनाव चिन्ह एक वादा है। कोई वार्ड को सजाने की बात कर रहा है, तो कोई उसे रफ़्तार देने की। लेकिन वार्ड 10 की जनता के लिए असली सवाल यह है कि चुनाव के शोर के बाद कौन सा चेहरा उनकी जर्जर सड़कों, अंधेरी गलियों और सूखे नलों के पास खड़ा नजर आएगा।
समय न्यूज़ 24 का आह्वान
यह चुनाव केवल एक पार्षद चुनने का मौका नहीं है, बल्कि वार्ड 10 के आत्म-सम्मान की लड़ाई है। 16 प्रत्याशियों के बीच से उस व्यक्तित्व को चुनना एक बड़ी जिम्मेदारी है जो नगर निगम की जटिल राजनीति में आपके वार्ड का हक छीन कर ला सके। मतदाताओं को प्रतीकों के पीछे छिपे विजन को पहचानना होगा।
याद रखिये, प्रत्याशी 16 हैं, लेकिन वार्ड 10 एक है। आपका एक वोट इस 'महा-संग्राम' का परिणाम तय करेगा।
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